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सल्तनत ए🗡️ उस्मानिया-भाग-४ ✍🏻मोहम्मद शोएब


*पोस्ट नम्बर 4
*अरतगल गाज़ी ने कुछ ही दिनों में अपनी बहादुरी का सिक्का बिठा दिया था _उन फतुहात का नतीजा ये हुवा के बाकी बोहोत से तुर्क कबाइल भी गाज़ी अरतगल के साथ मिल गए और गाज़ी अरतगल को अपना सरदार तस्लीम कर लिया*   

गाज़ी अरतगल सुल्तान अलाउद्दीन के नाइब के तौर पे लड़ते रहे और उनकी ताकत में दिन ब दिन इज़ाफ़ा होता रहा

*गाज़ी अरतगल ने ब्रेजेन्टाइन सल्तनत के एक बड़े मुत्ताहिदा लस्कर को शिकस्त दी_मुद्दतो इस जागीर को हासिल करने के लिए मुसलसल जंगे लड़ते रहे _1281 में ई में आपका इन्तिक़ाल हो गया  सोबुत का मकबरा में आप दफन हे*

*अरतगल गाजी , के पीरो मुरशिद हज़रत मोहिउद्दीन इबनुल  अरबी*.

*अरतगल गाजी के पीर हज़रत मोहिउद्दीन इबनुल अरबी थे , जो हर जंग में अरतगल गाज़ी को नसीहत ओर आने वाले खतरे से आगाह करते थे, ये इतने मसहूर बुजुर्ग हे जिनका जिक्र करने के लिए मुझे अलग से पोस्ट बनाई पड़ेगी ,अपने बोहोत सी किताबे लिखी हे , तसव्वुफ़ पे भी आपकी बोहोत बेहतरीन किताब हे जिसका उर्दू भी हो चुका हे ,में इन शा अल्लाह अलग से आपके ताल्लुक़ से पोस्ट बनाऊँगा*

अरतगल गाजी के बेटे उस्मान गज़ी

*आपके बाद आपके आपके बेटे उस्मान गाजी सरदार बने ,उस्मान गाज़ी भी अपने वालिद की तरह बहादुर ओर जंगजू थे,,इन्होंने बजी फतेहात का सिलसिला जारी रखा_उधर सुल्तान अलाउद्दीन भी एक सल्जूकी जंग में शहीद होगए,, आपके बाद आपका बेटा गयासउद्दीन भी तातारियों की फ़ौज़ के हाथों सहीद हो गए*

*1299 ई में सलजुक सल्तनत बिल्कुल खत्म हो गई ,,उस्मान गाजी ने अपने तमाम मफतुहा इलाको में अपनी खुद मुख्तार हुकूमत का एलान कर दिया*

*सुल्तान उस्मान गाज़ी*

 *उस्मान गाज़ी, 1258 ई में सोगट के पास पैदा हुआ थे,वह अरतगल गाज़ी के तीन बेटों में सबसे छोटे थे और उनकी माँ हालिम हातुन थी।*

 *उस्मान गाज़ी केवल 23 साल के थे जब उनहोने सोगुत में काई कबीले का नियंत्रण ले लिया और अपने पिता की विसाल के बाद सिंहासन पर चढ़ गए , 1326 में उनकी मृत्यु तक 27 साल तक शासन किया।*

*

उस्मान गाज़ी ने अपने भाइयों, बेटों और करीबी समर्थकों के साथ क्षेत्र में शेष बीजान्टिन साम्राज्य के खिलाफ अपने अभियान जारी रखे

 *उनहोने स्थानीय शासकों को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करके बीजान्टिन व्यापार मार्गों को काट दिया। 1320 के बाद वह बीमार हो गय, इसलिए उनके बेटों ने लड़ना जारी रखा, बीजान्टिन से कई शहरों पर कब्जा कर लिया ।*

*अपने शासन के दौरान, उन्होंने पहले मल हतून से शादी की , जिससे उन्हें एक बेटा, ओरहान गाजी थे, जो बाद में अगला सुल्तान बन गया । मल हटुन के बाद उन्होंने बाला हटुन से शादी की जिससे एक और बेटा अलादीन पैदा हुआ जो बड़े होने पर उनका ग्रैंड विजियर बन गया। उनके कुल 8 बेटे और 1 बेटी थी।*

उस्मान गाज़ी को ब्लैक ( तुर्की में कारा ) के रूप में उपनामित किया गया था , जो एक प्राचीन तुर्कमन परंपरा के अनुसार बहादुर और वीर व्यक्ति को दर्शाता है।
 वह एक लम्बे  और ऊँची छाती और लम्बी भुजाओं वाले, लंबा तन, पतली दाढ़ी और लम्बी मोटी मूंछों वाला एक लंबा चेहरा, राम-नाक, हेज़ल, मोटी भौहें वाला एक गहरा आदमी था, जिसके पास गहरी और महीन आवाज थी, जो घुड़सवारी में माहिर था, तलवार का उपयोग, और लड़ाई की रणनीति। वह निष्पक्ष था, गरीब लोगों की बहुत मदद करता था, यहां तक ​​कि उन्हें अपने कपड़े भी देता था अगर वह किसी व्यक्ति को जरूरत में देखता था।

*सैन्य कार्रवाइयों के अलावा, उस्मान गाज़ी ने एक नया साम्राज्य बनाने के लिए सभी नए उपायों की भी स्थापना की , जैसे कि सेल्जुक कानूनों के आधार पर नए कानून लाना , करों को अपनाना , पहले ओटोमन सिक्कों (एकस), और इसी तरह ओर भी बोहोत करिए किए*

*गाजी उस्मान का खुवाब ओर उसकी ताबीर आपके मुरशिद ने किया बताई थी*.

*एक दीन जब उस्मान गाज़ी अपने मुरशिद के यहा एक आस्ताने पे सोए हुवे थे उन्होंने खुव्वाब देखा , की एक चांद उनके मुरशिद शेख अदावली के सुने से नमूदार हुवा ओर उस्मान गाज़ी के सीने में उतर गया,। उनके पहलू से  एक पेड़ नमूदार हुवा बढ़ता चला गया और बहरो-बर पे छा गया जिसकी जड़ो से 4 दरिया निकले, ओर 4 पहाड़ 🏔उसको संभाले हुवे थे, की अचानक तेज हवा चलती हे और उस पेड़ की पत्तियां हवा में उड़ते हुवे , एक आलीशान शहर की तरफ गई , उस शहर से 2 दरिया ओर 2 बार्रेआज़म मिलते थे,ओर वो एक अंघुटी कि तरह था जिसे उस्मान गाज़ी पहनना चाहते थे*

गाज़ी उस्मान ने अपना ये खुव्वाब अपने मिर्शिद शेख अदावली को सुनाया

*उनके मुरशिद शेख अदावली ने उनको मुबारक बाद दी और कहा कि अल्लाह तआला ने तुम्हे ओर तुम्हारी नस्ल को इस्लाम के लिए चुन लिया हे, तुम मेरी बेटी से निकाह करोगे*

*उस्मान गाज़ी ने जो 4 दरया देखे थे ,*
(1)दरया ए दजला
(2)दरया ए नील
(3)दरया ए फराक
(4)दरया ए दनयूग

 *ओर जो 4 पहाड़ देखे थे*

(1) कोह ए तूर
(2)कोह ए बालकान
(3) कोह ए काफ
(4) कोह ए अरतलस

*बाद में उस्मान गाजी के बेटे के जमाने मे ये सल्तनत इन पहाड़ , इन दरियाओं तक फैल गई थी ,दरअसल ये खुव्वाब सल्तनत ए उस्मानिया की वुसअत की एक पैसनगोही थी*

*ओर शहर मुराद वो शहर जिसे गाजी उस्मान के पोते गाज़ी मोहम्मद फातेह ने फतेह किया जिसका नाम कुस्तुन्तुनिया इस्ताम्बुल कहते हे*

*इसी शहर के ताल्लुक़ से हुजूर सल्ललाहो तआला अलेह वसल्लम ने बसारत भी दी थी कुस्तुन्तुनिया को तुम फातेह करोगे*

*तारीख में इतनी लम्बी ओर इतने अरसे तक कायम रहने वाली हुकूमत किसी की नही रही, ओर नाही किसी खानदान में आले उस्मान के बराबर क़ाबिल हुक्मरान पैदा हुवे*

*गाजी उस्मान निहायत ही ईमानदार और अपनी रियाया के साथ आदलो इंसाफ करता था, उनका रहन सहन एकदम सदा था ,उन्होंने कभी दौलत जमा नही की ,जो मालेगनीमत आता उसमे से यतीमो ,गरीबो, का हिस्सा निकाल के अपने सिपाहियों में तकसीम कर देते थे , वो बोहोत ही फय्याज ओर मेहमान नवाज़ थे इसी वजह से उनका नाम तुर्की में बोहोत अदब से लिया जाता हे*

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*उस्मान गाज़ी की वसीयत अपने बेटे को,*

*📮आगे इन शा अल्लाह अगली पोस्ट में*

*✍🏻मोहम्मद शोएब*

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

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